सुबह दूध के लिए,
लाइन में लड़ रहे हैं....!!!
दोपहर,
बिल जमा करने के लिए लड़ रहे हैं...!!
बच्चे के एडमिशन के लिये,
स्कूल में लड़ रहे हैं........!!
कूड़ा फेकने के लिए,
पडोसी से लड़ रहे हैं.......!!
रिपोर्ट लिखाने के लिए,
थाने में लड़ रहे हैं.....!!
डिग्री का ढेर लिए,
नौकरी पाने को लड़ रहे हैं.......!!!
सीमा पर,
देश बचाने को लड़ रहे हैं......!!!
कुलचे के ठेले के बगल,
बच्चे जूठन खाने के लिए लड़ रहे हैं...!!
कुछ बकरे की कुर्बानी पर आमादा,
कुछ बचाने को लड़ रहे हैं..........!
मूर्ती न फेको गंगा में,
तो कुछ नहाने के लिए लड़ रहे हैं.......!
मीडिया डाल रहा पर्दा,
तो लड़के सच बताने के लिए लड़ रहे हैं........!
ठेके पे,
बोतल पाने को लड़ रहे हैं..........!
गणेश को दूध पिलाने को लड़ रहे हैं.....!
कुछ जंगल,
तो कुछ गाय बचाने को लड़ रहे हैं........!
कुछ पानी बचाने को,
तो कुछ बहाने को लड़ रहे हैं.....!
बहुतों ने छोड़ दिया,
कुछ देश में आने को लड़ रहे हैं..........!
राम बड़ा या अल्लाह,
जताने को लड़ रहे हैं....!
उधर अपनी नफ़्स से,
हम जमाने से लड़ रहे हैं।
लड़ रहे हैं लड़ रहे हैं लड़ रहे हैं लड़ रहे हैं!!!!
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